दूर दूर के सैलानियों को आकर्षित करता है यह स्मारक

तस्वीर लोकल गाईड से साभार
नई दिल्ली: 20 अक्टूबर 2025: (दिल्ली स्क्रीन डेस्क)::
बहादुरी, कुर्बानी और राष्ट्र प्रेम की याद दिलाता है यह स्मारक जो आज भी आकर्षित करता है दूर दूर के सैलानियों को। शक्ति, मज़बूती दृढ़ता और अखंडता का प्रतीक भी है यह पुलिस स्मारक। वास्तव में यह गाथा याद दिलाती है 21 अक्टूबर 1959 की जब चीन की एक सशत्र टुकड़ी भारतीय क्षेत्र में घुस आई थी। इस अचानक हमले में पुलिस के दस जवान देश की रक्षा करते हुए मारे गए थे। पुलिस के उन जांबाज़ शहीदों की स्मृति में बना हुआ यह राष्ट्रिय स्मारक। आज भी याद दिलाता है हमें देश भक्ति के उस जज़्बे की।
इसका निर्माण भी बहुत योजना के बाद हुआ। नेशनल पुलिस मेमोरियल का सेंट्रल हिस्सा सेंट्रल स्कल्पचर है जिसका डिज़ाइन नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट्स ने बनाया है। यह स्कल्पचर एक सीधा 30 फ़ीट ऊँचा मोनोलिथिक ग्रेनाइट पिलर है जिसे एक पवित्र जगह का पुराना लेकिन हमेशा रहने वाला सिग्नल माना जाता है, एक ऐसे ऑफिसर के लिए जो हमेशा ड्यूटी पर रहता है। ग्रेनाइट का एक ही ब्लॉक, पॉलिश किया हुआ और बिना पॉलिश किया हुआ, एबोनी ब्लैक ग्रेनाइट को सहनशीलता और कर्म के प्रतीक के तौर पर दिखाता है। यह मेमोरियल पत्थर की इमारतों की विरासत से प्रेरणा लेता है और इसे पुराने ज़माने में बनाए गए ऊँचे सीधे पत्थरों जैसे सेनोटाफ़ पर बनाया गया है। इंसान का रिस्पॉन्स एक बड़े मेमोरियल के सामने झुकना होता है। यही आदर और यही सलाम हमारा फ़र्ज़ भी है।
गौरतलब है कि ग्रेनाइट एक पत्थर के तौर पर अपने आप में इंसानी सभ्यता का गवाह है–यह संस्कृतियों की कई मुसीबतों के बीच एक पहरेदार की तरह खड़ा रहता है और घटनाओं और अनुभवों को अपने अंदर समा लेता है। एबोनी ब्लैक शेड वह है जो धरती और उससे आगे की सभी चीज़ों का सार है। बचाव और सुरक्षा की भाषा इतिहास जितनी ही पुरानी है और इसी में एक पुलिसवाले की ज़िंदगी में धर्म की कहानी बसी है। वह कहानी जिसे पुलिस के जवान हमेशां याद रखते हुए अपनी ड्यूटी पर अपनी जान भी न्योछावर कर देते हैं।
इसकी भावना भी बहुत मज़बूत, ऊंची और सात्विक है। जो सेवा करता है वह कर्म योगी है, बिना स्वार्थ के काम करना उसका कर्म है और इसी बिना स्वार्थ के काम का फल उसे जीवन की अनंत नदी तक ले जाता है। ग्रेनाइट की खासियतों में ताकत और टिकाऊपन शामिल हैं। एक पुलिसवाले की ज़िंदगी इन खूबियों को दिखाती है। हर तरह की मुसीबतों के बावजूद ग्रेनाइट का लंबे समय तक टिके रहना, एक ऑफिसर की समाज को दी जाने वाली सेवा का एक उदाहरण है यह स्मारक। हर संकट और मुसीबत में अडोल बने रहना पुलिस के जवानों का एक नार्मल रूटीन बन चुका होता है।
इस विशेष स्मारक पर प्रज्वलित ज्योति का भी एक अलग ही महत्व है। इसका संदेश भी शाश्वत है। चीज़ों के साथ जलती लौ सेवा की जीती-जागती कहानी को दिखाती है। यह आत्मा के साथ लगातार ध्यान लगाने की निशानी है। इंसान मरता है लेकिन सेवा के समय उसकी बहादुरी और हिम्मत के काम अमर होते हैं। लौ जीवन की निशानी है जो समाज की आम यादों में ज़िंदा रहती है। कुल मिलाकर यह स्मारक बहादुरी और कुर्बानी की याद दिलाता है और साथ ही फ़र्ज़ और कर्तव्य की भी
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